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मोबाइल एप्लीकेशन – स्मार्ट होती जनरेशन का स्मार्ट आईडिया

मोबाइल एप्लीकेशन – स्मार्ट होती जनरेशन का स्मार्ट आईडिया

एक समय था जब लोग स्मार्ट हुआ करते थे अब लोगों के साथ साथ फ़ोन भी स्मार्ट होने लगे हैं. स्मार्टफ़ोन की स्मार्ट जनरेशन को इन्टरनेट भी मोबाइल पर चाहिए, कंप्यूटर और लैपटॉप अभी गुजरे जमाने की बात तो नहीं लेकिन नयी पीढ़ी के साथ की भी नहीं है. मोबाइल फ़ोन पर इन्टनेट वेबसाइट से ज्यादा मोबाइल एप्लीकेशन का इस्तेमाल होता है.

 

क्या है मोबाइल एप्लीकेशन:

मोबाइल एप्लीकेशन, मोबाइल के लिए डिज़ाइन किया गया एक ऐसा प्रोग्राम होता है जो स्मार्टफ़ोन और टेबलेट पर के लिए बनाये जाते हैं. ये मोबाइल एप्लीकेशन खुद में एक वेबसाइट जैसे होते हैं जो मोबाइल फ़ोन के अनुसार कार्य करते हैं.

मोबाइल एप्लीकेशन के प्रकार:

मोबाइल फ़ोन मुख्य रूप से तीन प्लेटफार्म पर काम करते है:

  • एंड्राइड
  • आई.ओ.एस.
  • ब्लैकबेरी

मोबाइल एप्लीकेशन इन सभी प्लेटफॉर्म्स के लिए अलग अलग बनाये जाते हैं. मोबाइल एप्लीकेशन निशुल्क और सशुल्क दोनों प्रकार के होते हैं.

मोबाइल एप्लीकेशन और वेबसाइट में अंतर:

मोबाइल फ़ोन पर कंप्यूटर के लिए डिज़ाइन वेबसाइट न तो सही ढंग से चलती है और साथ हे समय भी ज्यादा लेती है जबकि मोबाइल एप्लीकेशन विशेष रूप से मोबाइल फ़ोन के लिए ही बनाये जाते हैं इसलिये ये ना तो खुलने में ज्यादा समय लेते हैं और इन्हें मोबाइल फ़ोन पर इस्तेमाल करना भी आसन है.

वेबसाइट का इस्तेमाल करने के लिए इन्टरनेट का उपलब्ध होना आवश्यक है, जबकि मोबाइल एप्लीकेशन दोनों ही प्रकार के होते हैं. कुछ मोबाइल एप्लीकेशन इन्टरनेट की उपलब्धता के साथ ही चलते हैं जबकि कुछ को एक बार डाउनलोड करने के बाद ऑफलाइन भी इस्तेमाल किया जा सकता है.

 

भविष्य का युग मोबाइल का युग है और मोबाइल युग में अपना स्थान बनाने के लिए आवश्यक है कि समय के साथ चलना आवश्यक है और इसी आवश्यकता को समझते हुए लगभग हर कंपनी आज अपने वेबसाइट के साथ साथ मोबाइल एप्लीकेशन पर भी उपलब्ध है.

मोबाइल एप्लीकेशन सिर्फ कंपनियों के बिज़नेस के लिए ही उपलब्ध नहीं हैं बल्कि गेम्स से लेकर फ़िटनेस तक हर बात के लिये एप्लीकेशन उपलब्ध हैं. समय मोबाइल युग का है इस लिये मोबाइल एप्लीकेशन भी अब एक विकल्प ना रह कर अनिवार्य माध्यम हो गया है लोगों तक पहुचने का.

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